बारिश हो रही

बारिश

निसर्ग

आज सुबहबड़ी दुआओं से
एक बादल को बुलाया मैंने,छत पे आहिस्ता से उतारा मैंने
कुछ गीला गीला साकुछ सूखा सूखा सा
मैंने पूछा 
कब आओगे अपने साथियों संग कब जमेगा बारिश का रंग 
वो फफकते हुए बोला
कुछ कटे हुए पेड़ों की बददुआ है, वरनाबादल तो बरसने के लिए ही पैदा हुआ है…

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